भूले-बिसरे गीत’ में कलाकारों ने बिखेरा सुरों का जादू
पुराने गीत हमारी संगीत विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा : विधायक कुलजीत सिंह रंधावा | जेन-जी बच्चों ने भी पुराने गीतों से बांधा समां
डेराबस्सी, 30 अगस्त। पायल म्यूज़िकल क्लब द्वारा प्रेस क्लब डेराबस्सी और भारत विकास परिषद विवेकानंद शाखा के सहयोग से ‘भूले-बिसरे गीत’ नामक संगीतमय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रेस क्लब डेराबस्सी के प्रधान हरजीत लक्की सहित क्लब के सभी सदस्यों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर हलका विधायक कुलजीत सिंह रंधावा मुख्य अतिथि तथा नगर परिषद प्रधान आशु उपनेजा के पति पार्षद नरेश उपनेजा विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का उद्देश्य पुराने हिंदी फिल्मी गीतों के सुनहरे दौर को याद करना और सदाबहार नगमों को संगीत प्रेमियों तक पहुंचाना था। चंडीगढ़ से आए शैरी बैंड ने लाइव म्यूजिक की शानदार प्रस्तुति दी, जबकि गिन्नी चोपड़ा ने एंकर के रूप में कार्यक्रम का संचालन बखूबी किया। कार्यक्रम में कलाकारों ने पुराने फिल्मी गीतों की शानदार प्रस्तुतियां देकर समां बांध दिया। आस्था ने ‘ओ पालन हारे’, यथार्थ भारद्वाज ने ‘छूकर मेरे मन को’, सार्थक ने ‘नीले-नीले अंबर पर’, मन्नत ने ‘बिंदिया चमकेगी’, मोहिता ने ‘जा रे जा ओ हरजाई’, सुनील छाबड़ा व शालिनी अत्री ने ‘तुम्हारी नजर क्यों खफा हो गई’, सुमन रानी ने ‘मिलो ना तुम तो हम घबराए’, राजीव जिंगरान व शालिनी अत्री ने ‘कोरा कागज था यह मन मेरा’, मुस्कान ने ‘जरा होले-होले चल मेरे सजना’, नछत्तर सिंह ने ‘ना रुस हीरे मेरिए मैं राजण तेरा’, राजबीर बमानिया ने ‘लाल छड़ी मैदान खड़ी’, राजीव जिंगरान ने ‘मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू’, रविंदर भारद्वाज ने ‘इंतहा हो गई इंतजार की’ तथा नैन्सी लालित ने ‘पिया तू अब तो आजा’ सहित अन्य कलाकारों ने भी कई लोकप्रिय सदाबहार गीत प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि पहली बार लगभग पाँच बच्चों ने भी इसमें उत्साहपूर्वक भाग लिया। जेन-जी पीढ़ी से जुड़े इन बच्चों ने पुराने गीतों को अपनी आवाज में प्रस्तुत कर कार्यक्रम में नई ऊर्जा भर दी। उनकी प्रस्तुतियों को दर्शकों और अभिभावकों ने खूब सराहा।
कलाकारों की प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं। पुराने नगमों ने उपस्थित लोगों को संगीत के उस दौर की सुनहरी यादों में पहुंचा दिया। कई प्रस्तुतियों के दौरान दर्शक कलाकारों के साथ गीत गुनगुनाते नजर आए।
मुख्य अतिथि हलका विधायक कुलजीत सिंह रंधावा ने कहा कि पुराने हिंदी फिल्मी गीत केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और संगीत विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन गीतों में उस समय की भावनाएं, सामाजिक परिवेश और जीवन की सादगी झलकती है। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ऐसे कार्यक्रम लोगों को अपनी पुरानी यादों से जोड़ने के साथ-साथ नई पीढ़ी को भी हमारी समृद्ध संगीत परंपरा से परिचित करवाते हैं। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि नई पीढ़ी का ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों से जुड़ना बेहद सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा कि डेराबस्सी में इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन शहर के सांस्कृतिक माहौल को मजबूत करता है और आयोजकों को भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम जारी रखने चाहिए। उन्होंने पायल म्यूज़िकल क्लब, प्रेस क्लब डेराबस्सी और सभी सहयोगियों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।

विशेष अतिथि पार्षद नरेश उपनेजा ने कहा कि संगीत समाज को जोड़ने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से शहर में सकारात्मक और सांस्कृतिक माहौल बनता है। उन्होंने सभी कलाकारों और आयोजकों को सफल कार्यक्रम के लिए बधाई दी।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी कलाकारों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों, कलाकारों, प्रेस क्लब सदस्यों, शैरी बैंड तथा अन्य सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया।
