नौणी विश्वविद्यालय में इंडस्ट्री-अकादमिया कन्वर्जेंस मीट, विद्यार्थियों को करियर और उद्यमिता के अवसरों की जानकारी
नौणी विश्वविद्यालय में इंडस्ट्री-अकादमिया कन्वर्जेंस मीट, विद्यार्थियों को करियर और उद्यमिता के अवसरों की जानकारी
रिपोर्ट: करन चौहान
नौणी: डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी में औद्यानिकी एवं वानिकी के विद्यार्थियों के लिए इंडस्ट्री-अकादमिया कन्वर्जेंस मीट का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने के साथ-साथ विद्यार्थियों को उद्योग में उपलब्ध करियर और रोजगार के अवसरों से परिचित करवाना रहा।
कार्यक्रम में औद्यानिकी एवं वानिकी के चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थियों के साथ संकाय सदस्यों तथा विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान विद्यार्थियों को उभरती तकनीकों, उद्योग की बदलती जरूरतों, उद्यमिता, इंटर्नशिप और रोजगार के संभावित अवसरों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के पहले तकनीकी सत्र में पर्यन एलायंसेज के मार्केट एवं टेक्नोलॉजी लीड अमन ठाकुर ने विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। उन्होंने कृषि-इनपुट उद्योग में चल रहे नए रुझानों, संतुलित पौध पोषण और आधुनिक तकनीकों के बारे में जानकारी साझा की। इसके अलावा उन्होंने उद्योग जगत की अपेक्षाओं, करियर विकल्पों और उद्यमिता से जुड़े अवसरों पर भी विद्यार्थियों से चर्चा की।
दूसरे तकनीकी सत्र में सवाना सीड्स के जोनल सेल्स मैनेजर सनी सिद्धू ने बीज प्रौद्योगिकी और गुणवत्तापूर्ण बीज प्रणाली पर जानकारी दी। उन्होंने किस्म विकास, बीज व्यवसाय, उद्योग में उभरते रुझानों, करियर के अवसरों और स्टार्टअप की संभावनाओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
‘क्लासरूम से करियर और एंटरप्राइज’ पर हुआ संवाद
कार्यक्रम में ‘फ्रॉम क्लासरूम टू करियर एंड एंटरप्राइज’ विषय पर एक विशेष संवादात्मक सत्र भी आयोजित किया गया। इसमें विद्यार्थियों को करियर से जुड़े सवालों पर संसाधन व्यक्तियों और शिक्षकों के साथ सीधे बातचीत करने का अवसर मिला।
इस दौरान विद्यार्थियों ने उद्योग की अपेक्षाओं, इंटर्नशिप और भविष्य के करियर विकल्पों से संबंधित अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव और उद्योग की जरूरतों को समझने के महत्व के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम के समापन सत्र में भविष्य के रोजगार एवं उद्योग से जुड़े अवसरों पर चर्चा की गई। इस दौरान विद्यार्थियों के सीवी एकत्र किए गए और प्री-रिक्रूटमेंट मूल्यांकन भी किया गया। इससे विद्यार्थियों को कार्यक्रम में शामिल उद्योग प्रतिनिधियों के सामने अपनी प्रोफाइल प्रस्तुत करने का अवसर मिला।
विद्यार्थियों को उद्योग से जोड़ने की पहल
यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के प्लेसमेंट एवं इंडस्ट्री कोऑर्डिनेशन सेल (PICC) की ओर से उद्योग जगत के साथ संबंधों को मजबूत करने और विद्यार्थियों को उद्योग में उपलब्ध अवसरों से परिचित करवाने के निरंतर प्रयासों के तहत आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के समन्वय में डॉ. रश्मि चौधरी, डॉ. प्रमोद वर्मा, डॉ. प्रेम प्रकाश, डॉ. अभिमन्यु और डॉ. प्रतिमा वैद्य ने भूमिका निभाई।
इंडस्ट्री-अकादमिया कन्वर्जेंस मीट के माध्यम से विद्यार्थियों को उद्योग विशेषज्ञों के साथ सीधे संवाद करने, करियर विकल्पों को समझने तथा इंटर्नशिप और रोजगार की संभावनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला। विश्वविद्यालय की इस पहल से विद्यार्थियों और उद्योग जगत के बीच संपर्क को और मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
