पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने को स्कूली बच्चों ने दिखाई रचनात्मकता, पोस्टर प्रतियोगिता में लिया हिस्सा


पीएयू के प्रसार शिक्षा विभाग ने आसीकलां के सरकारी स्कूल में करवाया आयोजन
लुधियाना, 1 सितंबर 2026। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) के प्रसार शिक्षा विभाग की ओर से पोषण सप्ताह के तहत जिले के पखोवाल ब्लॉक के गांव आसीकलां स्थित सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पोस्टर बनाने की प्रतियोगिता आयोजित की गई। कृषि महाविद्यालय के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 40 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को संतुलित आहार और स्वस्थ खान-पान के महत्व के प्रति जागरूक करना था। बच्चों ने पोस्टरों के माध्यम से पोषण, संतुलित भोजन और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़े विभिन्न संदेशों को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने अपनी कलाकृतियों के जरिए यह बताने का प्रयास किया कि दैनिक जीवन में पौष्टिक और संतुलित भोजन को शामिल करना स्वस्थ जीवन के लिए कितना आवश्यक है।
कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. लखविंदर कौर रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों को पोषण के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए संतुलित आहार, आवश्यक पोषक तत्वों और स्वस्थ खान-पान की आदतों पर चर्चा की। इस दौरान विद्यार्थियों को दैनिक भोजन में विभिन्न पोषक तत्वों को शामिल करने और अपनी भोजन संबंधी आवश्यकताओं पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पोषण विषय पर भाषण भी प्रस्तुत किए। उन्होंने संतुलित आहार के महत्व, पौष्टिक भोजन की आवश्यकता और स्वस्थ खान-पान की आदतों से जुड़े विचार साझा किए। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में जागरूकता के साथ-साथ उत्साह का माहौल भी बना रहा।
आयोजकों ने कहा कि बच्चों में छोटी उम्र से ही पोषण और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता पैदा करना बेहद जरूरी है। स्कूल स्तर पर आयोजित इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों को केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि उन्हें रचनात्मक तरीके से महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संदेशों को समझने और दूसरों तक पहुंचाने का अवसर भी देती हैं।
कार्यक्रम के अंत में पोस्टर प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए उन्हें स्वस्थ खान-पान की आदतों को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।
