सीएईटी एलुमनी एसोसिएशन ने आयोजित की VOX 2026 कार्यशाला, विद्यार्थियों ने सीखे संवाद और प्रस्तुति के गुर
लुधियाना, पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) के कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सीएईटी) की एलुमनी एसोसिएशन ने कृषि पत्रकारिता, भाषा एवं संस्कृति विभाग (एजेएलसी) के सहयोग से VOX 2026: वॉयस, एक्सप्रेशन एंड परफॉर्मेंस का आयोजन किया। 7 से 11 सितंबर तक आयोजित पांच दिवसीय कार्यशाला का उद्देश्य उभरते कृषि इंजीनियरों के संवाद और प्रस्तुति कौशल को बेहतर बनाना था।
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों के लिए कई इंटरैक्टिव सत्र और व्यावहारिक गतिविधियां आयोजित की गईं। इनमें ‘फाइंड योर वॉयस’, समाचार वाचन, पॉडकास्टिंग और रोल प्ले जैसी गतिविधियां शामिल थीं। इन सत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को आवाज में उतार-चढ़ाव, स्पष्ट उच्चारण, अभिव्यक्ति, शारीरिक भाषा, आत्मविश्वास और श्रोताओं से जुड़ने के कौशल विकसित करने का अवसर मिला।
तकनीकी ज्ञान के साथ प्रभावी संवाद भी जरूरी: डॉ. मनजीत सिंह
कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के डीन और सीएईटी एलुमनी एसोसिएशन के मुख्य संरक्षक डॉ. मनजीत सिंह ने इस संयुक्त पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि तकनीकी दक्षता के साथ प्रभावी संवाद कौशल भी बेहद जरूरी है।
उन्होंने जोर दिया कि भविष्य के कृषि इंजीनियरों के पास केवल तकनीकी ज्ञान ही नहीं, बल्कि किसानों, उद्योग जगत के पेशेवरों, नीति निर्माताओं और समाज के अन्य वर्गों तक अपने विचार स्पष्ट और आत्मविश्वास के साथ पहुंचाने की क्षमता भी होनी चाहिए।
उन्होंने उम्मीद जताई कि VOX भविष्य में एक नियमित मंच के रूप में विकसित होगा, जहां विद्यार्थियों को अपने आत्मविश्वास, रचनात्मकता, अभिव्यक्ति और पेशेवर व्यक्तित्व को निखारने के अवसर मिलेंगे।
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर दिया जोर
सीएईटी एलुमनी एसोसिएशन की अध्यक्ष डॉ. प्रीतिंदर कौर ने बताया कि इस कार्यशाला की योजना अनुभव आधारित शिक्षण पहल के रूप में बनाई गई थी, ताकि प्रतिभागियों को प्रभावी संवाद कला सीखने और उसे व्यवहार में उतारने का अवसर मिल सके।
उन्होंने कृषि पत्रकारिता, भाषा एवं संस्कृति विभाग की प्रमुख डॉ. शीतल थापर और विभाग के संसाधन विशेषज्ञों का इस पहल में सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संवाद कौशल युवा इंजीनियरों को अपने तकनीकी ज्ञान को सार्थक बातचीत और प्रभावी कार्यों में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सीएईटी के संस्थागत संबंधों के एसोसिएट डायरेक्टर और एलुमनी एसोसिएशन, सीओएईटी के मुख्य संपादक डॉ. विशाल बेक्टर ने इस संयुक्त प्रयास के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने तकनीकी शिक्षा और आवश्यक सॉफ्ट स्किल्स के बीच की दूरी को कम करने की जरूरत पर जोर दिया।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को किया सम्मानित
कार्यशाला के समापन पर विद्यार्थियों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास और प्रदर्शन का उत्सव मनाया गया। विभिन्न गतिविधियों में प्रदर्शन के आधार पर प्रतिभागियों को ‘बेस्ट न्यूज रीडर’, ‘बेस्ट पॉडकास्ट डुओ’ और ‘बेस्ट रोल प्लेयर’ के खिताबों से सम्मानित किया गया।
कार्यशाला में योगदान देने वाले संसाधन विशेषज्ञों को आभार स्वरूप स्मृति चिह्न भेंट किए गए, जबकि सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
तीन विशेषज्ञों ने किया कार्यशाला का समन्वय
इस पांच दिवसीय कार्यशाला का समन्वय सीएईटी के डॉ. बिक्रमजीत सिंह, एजेएलसी की डॉ. हिना गोयल और सीएईटी के डॉ. गुरनाज सिंह गिल ने किया।
कार्यशाला में संवाद कौशल के विशेषज्ञों और इंजीनियरिंग क्षेत्र के दृष्टिकोण को एक साथ जोड़ते हुए विद्यार्थियों के लिए उपयोगी एवं व्यावहारिक सीखने का मंच तैयार किया गया।
समापन अवसर पर सीएईटी एलुमनी एसोसिएशन की सचिव डॉ. संध्या ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। उन्होंने कार्यशाला के सफल आयोजन में पूरे सहयोग के लिए सीएईटी के डीन और एलुमनी एसोसिएशन की कार्यकारी समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
