पीएयू ने किसानों को मधुमक्खी पालन का दिया प्रारंभिक प्रशिक्षण
लुधियाना, 12 अक्टूबर 2026। {karan}पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू), लुधियाना के कौशल विकास केंद्र ने कीट विज्ञान विभाग के सहयोग से पंजाब के किसानों और महिला किसानों के लिए मधुमक्खी पालन संबंधी प्रारंभिक प्रशिक्षण कोर्स आयोजित किया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 17 प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया।
इस संबंध में जानकारी देते हुए डॉ. रुपिंदर कौर, एसोसिएट डायरेक्टर (कौशल विकास) ने बताया कि इस प्रशिक्षण कोर्स का मुख्य उद्देश्य किसानों को विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों के माध्यम से मधुमक्खी पालन से जुड़ी विस्तृत एवं व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध करवाना है, ताकि वे इस व्यवसाय को अपनाकर अपनी आय के अवसर बढ़ा सकें।
इस अवसर पर कोर्स की समन्वयक डॉ. कुलवीर कौर ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को कौशल विकास केंद्र की ओर से भविष्य में आयोजित किए जाने वाले विभिन्न प्रशिक्षण कोर्सों के बारे में भी जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान डॉ. अमित चौधरी ने मधुमक्खी पालन के महत्व, मौसम के अनुसार मधुमक्खियों की कॉलोनियों के प्रबंधन तथा शहद उत्पादन की तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वहीं, डॉ. भारती महिंदरू ने मधुमक्खियों में होने वाली बीमारियों और उन्हें प्रभावित करने वाले कीटों के बारे में प्रशिक्षणार्थियों को जागरूक किया।
इसके अलावा डॉ. पुष्पिंदर कौर बराड़, डॉ. नवनीत कौर धालीवाल, डॉ. संगीत रंगूवाल, डॉ. कौशिक मंडल, लुधियाना की हॉर्टिकल्चर डेवलपमेंट ऑफिसर डॉ. शेली तथा सेवानिवृत्त एजीएम सरदार कुलवंत सिंह गिल ने प्रशिक्षण से संबंधित विभिन्न विषयों पर व्यावहारिक जानकारी साझा की।
कार्यक्रम के अंत में श्रीमती कंवलजीत कौर ने सभी प्रशिक्षणार्थियों और विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों का धन्यवाद किया। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को सलाह दी कि वे इस कोर्स के दौरान प्राप्त ज्ञान और तकनीकों को अपने व्यवसाय में अपनाएं, ताकि मधुमक्खी पालन के माध्यम से बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकें।
