PAU में एग्रीबिजनेस पर युवाओं का सेमिनार

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लुधियाना, 14 सितंबर 2026: गुरु राम दास सेंटर फॉर इकोनॉमिक ग्रोथ और गुरु गोबिंद सिंह स्टडी सर्कल (GGSSC), मॉडल टाउन एक्सटेंशन, लुधियाना की ओर से “Empowering Youth through Agribusiness: Creating Opportunities, Innovation and Entrepreneurship” विषय पर विशेष सेमिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम GGSSC कॉम्प्लेक्स के सेमिनार हॉल में हुआ।

कार्यक्रम में सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ पंजाब के पूर्व चांसलर डॉ. सरदारा सिंह जौहल मुख्य अतिथि रहे, जबकि पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) के पूर्व वाइस चांसलर डॉ. सतबीर सिंह गोसल ने अध्यक्षता की। PAU के पूर्व डीन पीजी डॉ. एमआईएस गिल और पूर्व डायरेक्टर स्टूडेंट्स वेलफेयर डॉ. निर्मल सिंह जौरा सम्मानित अतिथि रहे।

इस अवसर पर PAU के डायरेक्टर स्टूडेंट्स वेलफेयर डॉ. कमलजीत सिंह सूरी और GADVASU के डायरेक्टर स्टूडेंट्स वेलफेयर डॉ. जसपाल सिंह हुंदल विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत DISARDC के डायरेक्टर एस. प्रताप सिंह के स्वागत संबोधन से हुई और अंत में डायरेक्टर ओवरसीज एस. गुरमीत सिंह ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

‘खेती से कारोबार’ की ओर बढ़ने का आह्वान

सेमिनार का मुख्य आकर्षण PAU के स्कूल ऑफ बिजनेस स्टडीज के डायरेक्टर और NIDHI-TBI के प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर डॉ. रामनदीप सिंह जस्सल का मुख्य संबोधन रहा। उन्होंने कहा कि कृषि अब केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बड़े स्तर पर एग्रीबिजनेस, नवाचार और उद्यमिता के अवसर पैदा कर रही है।

उन्होंने युवाओं को “खेती से कारोबार” की सोच अपनाने और नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार पैदा करने वाला बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्राथमिक कृषि उत्पादन से आगे बढ़कर प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर ध्यान देना जरूरी है।

डॉ. जस्सल ने युवाओं के लिए तीन महत्वपूर्ण मंत्र बताए—इनोवेशन, डिफरेंशिएशन और स्टोरीटेलिंग। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि गेहूं बेचने के बजाय उसके पीछे की गुणवत्ता और उपयोग की कहानी को ब्रांड किया जा सकता है। इसी तरह शहद को केवल उत्पाद के रूप में बेचने के बजाय उसकी शुद्धता और ट्रेसबिलिटी को ब्रांड की पहचान बनाया जा सकता है।

NIDHI-TBI से युवाओं को मिल रही सहायता

डॉ. जस्सल ने बताया कि PAU में भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के सहयोग से NIDHI-TBI युवा एग्री-प्रेन्योर को तकनीकी मार्गदर्शन, बिजनेस मेंटरिंग, तकनीकी सहायता और मार्केट लिंकेज उपलब्ध कराता है।

कार्यक्रम में PAU FEDS (NIDHI-TBI) के CEO गुरिंदर सिंह गिल ने इनक्यूबेशन की व्यावहारिक प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि NIDHI-TBI केवल आइडिया को इनक्यूबेट नहीं करता, बल्कि युवाओं को भी उद्यमी बनने के लिए तैयार करता है। किसानों से लेकर पीएचडी स्कॉलर्स तक के लिए उनकी जरूरत के अनुसार मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने टिकाऊ पैकेजिंग, FSSAI अनुपालन और डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर मार्केटिंग पर भी जोर दिया।

वहीं, PAU FEDS (NIDHI-TBI) के बिजनेस मैनेजर समीर गौतम ने बिजनेस सपोर्ट सिस्टम की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि टीम युवाओं को लोगो डिजाइन, पारदर्शी पैकेजिंग, ई-कॉमर्स ऑनबोर्डिंग और किसानों को ONDC तथा Amazon जैसे प्लेटफॉर्म से जोड़ने में सहायता करती है। उन्होंने इच्छुक युवाओं को PAU स्थित NIDHI-TBI सेंटर में निशुल्क काउंसलिंग के लिए आने का निमंत्रण दिया।

सेमिनार को छात्रों ने काफी सराहा। कार्यक्रम का #GGSSC YouTube चैनल पर लाइव प्रसारण भी किया गया। आयोजकों ने सभी अतिथियों, गणमान्य व्यक्तियों, प्रतिभागियों और NIDHI-TBI के इनक्यूबेटीज का कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आभार व्यक्त किया।

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