BRICS Summit से पहले PM मोदी ने साझा किया संस्कृत सुभाषितम्, सकारात्मक संवाद और सहयोग पर दिया जोर

0
Untitled
Spread the love

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगामी BRICS Summit से पहले एक संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए वैश्विक नेताओं के बीच सकारात्मक, सार्थक और मैत्रीपूर्ण बातचीत के महत्व पर जोर दिया है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि आगामी शिखर सम्मेलन में विश्व कल्याण की भावना के साथ विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा होगी।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर संस्कृत का प्रसिद्ध सुभाषितम् साझा किया। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में दुनिया भर के नेता BRICS Summit के लिए एकत्र होंगे और उम्मीद है कि सम्मेलन विश्व कल्याण की भावना से प्रेरित होकर महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक विचार-विमर्श का मंच बनेगा।

https://x.com/narendramodi/status/2098231085452931395?s=20

PM मोदी ने साझा किया संस्कृत सुभाषितम्

प्रधानमंत्री द्वारा साझा किया गया सुभाषितम् है—

“सद्भिरेव सहासीत सद्भिः कुर्वीत सङ्गतिम्।
सद्भिर्विवादं मैत्रीं च नासद्भिः किंचिदाचरेत्॥”

क्या है सुभाषितम् का अर्थ?

इस संस्कृत सुभाषितम् का संदेश है कि व्यक्ति को सदैव गुणी और अच्छे लोगों की संगति करनी चाहिए। उनके साथ संवाद और मैत्रीपूर्ण संबंध स्थापित करने चाहिए। आपसी सद्भावना, संवाद और सहयोग से शांति एवं बेहतर संबंधों को मजबूत किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री के इस संदेश को BRICS Summit के संदर्भ में देखा जा रहा है, जहां विभिन्न देशों के नेता वैश्विक और साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

PM मोदी का संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X पर लिखा कि अगले कुछ दिनों में दुनियाभर के नेता BRICS Summit के लिए जुटेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि सम्मेलन में विश्व कल्याण की भावना के साथ विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा होगी।

प्रधानमंत्री द्वारा साझा किए गए संस्कृत संदेश में संवाद, सद्भावना, मित्रता और सहयोग को प्रमुखता दी गई है। ऐसे संदेश वैश्विक स्तर पर आपसी समझ और सहयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता को रेखांकित करते हैं।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *