कृषि महिलाओं को मोमबत्ती बनाने का प्रशिक्षण देकर किया सशक्त
लुधियाना: पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना के कृषि महाविद्यालय के विस्तार शिक्षा विभाग की ओर से डीन डॉ. सी.एस. औलख के मार्गदर्शन में 24 सितंबर को लुधियाना जिले के ब्लॉक पखोवाल के गांव डोलन कलां और धैपई में कृषि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। इसमें करीब 50 कृषि महिलाओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए विस्तार वैज्ञानिक डॉ. लखविंदर कौर ने कृषि महिलाओं का स्वागत किया और समाज में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महिलाएं न केवल घरेलू कार्यों को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, बल्कि कृषि, डेयरी और अन्य सहायक व्यवसायों में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उन्होंने महिलाओं को परिवार की आय बढ़ाने के लिए स्वयं सहायता समूह बनाने के लिए प्रेरित किया।
संसाधन प्रबंधन एवं उपभोक्ता विज्ञान विभाग की वैज्ञानिक डॉ. शिवानी राणा ने विभिन्न प्रकार की मोमबत्तियां बनाने की विधि का प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को बताया कि इस कौशल का व्यावसायिक रूप से उपयोग कर अतिरिक्त आय अर्जित की जा सकती है और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में योगदान दिया जा सकता है। प्रशिक्षण शिविर के अंत में कृषि महिलाओं को पंजाब कृषि विश्वविद्यालय की साहित्यिक सामग्री भी वितरित की गई।
प्रधान वैज्ञानिक डॉ. धर्मिंदर सिंह ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। उन्होंने महिलाओं को छोटे स्तर के उद्यम और आय बढ़ाने वाली गतिविधियां शुरू करने के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने महिलाओं को उपलब्ध अवसरों का अधिक से अधिक लाभ उठाने, आर्थिक रूप से सशक्त बनने और परिवार की आय में सार्थक योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
विस्तार शिक्षा विभाग के प्रमुख डॉ. विपन रामपाल ने विद्यार्थियों और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कृषि महिलाओं को आवश्यक कौशल से लैस करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
