पीएयू किसान मेले में उमड़ा किसानों का सैलाब, CM मान ने आधुनिक खेती के लिए हरसंभव मदद का दिया भरोसा
लुधियाना | 18 सितंबर 2026
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू), लुधियाना में शुक्रवार को किसानों के भारी जुटान के साथ दो दिवसीय किसान मेले की शुरुआत हुई। मेले का उद्घाटन पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किया। इस दौरान उन्होंने कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रगतिशील किसानों और विशेषज्ञों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने खेती को आधुनिक और टिकाऊ बनाने के लिए पीएयू को सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग देने का भरोसा भी दिया।
नहरी पानी के इस्तेमाल पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने संबोधन में नहरी पानी के अधिक से अधिक इस्तेमाल और भूजल संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों के खेतों तक नहरी पानी पहुंचाने के लिए सरकार की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस दिशा में करीब 14 हजार किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, जबकि आने वाले वर्षों में 6 हजार किलोमीटर अतिरिक्त पाइपलाइन बिछाने की योजना है। उन्होंने कहा कि नहरी पानी के उपयोग में बढ़ोतरी से भूजल पर निर्भरता कम करने के साथ मिट्टी को प्राकृतिक पोषक तत्व भी मिल सकते हैं।
पीएयू की कृषि शोध उपलब्धियों की सराहना
भगवंत मान ने पीएयू की कृषि अनुसंधान में भूमिका की सराहना करते हुए विश्वविद्यालय द्वारा विकसित करीब 990 किस्मों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कृषि को आधुनिक बनाने और किसानों को नई तकनीक उपलब्ध कराने में पीएयू की महत्वपूर्ण भूमिका है और सरकार विश्वविद्यालय को आवश्यक सहयोग देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र की समस्याओं और उनके समाधान के बीच के अंतर को कम करने के लिए सरकार और कृषि विशेषज्ञों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि किसानों तक पहुंचने वाली कृषि सिफारिशें वैज्ञानिक परीक्षण और व्यावहारिक परिणामों पर आधारित होनी चाहिए।
पराली प्रबंधन और फसल विविधीकरण पर जोर
मुख्यमंत्री ने पराली प्रबंधन को कृषि और पर्यावरण दोनों के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए इस दिशा में प्रयास और तेज करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि धान की खेती के साथ पराली का पैदा होना स्वाभाविक है, लेकिन इसके उचित प्रबंधन के लिए सरकार समाधान तलाशने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने किसानों से पानी, हवा और मिट्टी के संरक्षण को प्राथमिकता देने की अपील की। साथ ही कृषि के साथ सहायक व्यवसाय, फसल विविधीकरण, कृषि प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर दिया।
केंद्रीय पूल में पंजाब के योगदान का जिक्र
भगवंत मान ने कहा कि पंजाब केंद्रीय पूल में बड़ी मात्रा में धान का योगदान देता है। उन्होंने दालों और अन्य फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य और मंडीकरण से जुड़ी चुनौतियों का भी उल्लेख किया और कहा कि इन समस्याओं के समाधान के लिए सरकार प्रयास कर रही है।
उन्होंने किसानों से प्रगतिशील किसानों के अनुभवों से सीखने और नई कृषि तकनीकों को अपनाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कृषि लागत के साथ सामाजिक खर्चों को नियंत्रित करने की जरूरत पर भी बात की।
कृषि मंत्री खुड्डियां ने भी किसानों को किया संबोधित
पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि पीएयू के किसान मेलों का इतिहास पंजाब की कृषि के विकास से जुड़ा हुआ है। उन्होंने विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के योगदान की सराहना करते हुए किसानों से पराली प्रबंधन में सहयोग करने की अपील की।
खुड्डियां ने किसानों को पीएयू के बीज और कृषि साहित्य खरीदने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि पंजाब केंद्रीय पूल में धान का करीब 40 प्रतिशत और गेहूं का करीब 25 प्रतिशत हिस्सा देता है। उन्होंने फसल विविधीकरण, बागवानी और कृषि से जुड़े सहायक व्यवसायों पर अधिक ध्यान देने की जरूरत बताई, ताकि किसानों की पारिवारिक आय बढ़ाई जा सके।
पीएयू ने 990 किस्मों के विकास की दी जानकारी
पीएयू के वाइस चांसलर एवं रजिस्ट्रार सुखजीतपाल सिंह ने स्वागत भाषण में किसान मेले को किसानों और वैज्ञानिकों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान का मंच बताया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने अब तक 990 किस्में विकसित की हैं, जिनमें से 250 से अधिक किस्मों को राष्ट्रीय स्तर पर खेती के योग्य माना गया है।
उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र की मौजूदा चुनौतियों का समाधान तलाशने के लिए पीएयू के विशेषज्ञ किसानों के साथ मिलकर लगातार काम करते रहेंगे। पीएयू के निदेशक अनुसंधान डॉ. अजमेर सिंह ढट्ट ने विश्वविद्यालय की कृषि अनुसंधान गतिविधियों की जानकारी साझा की।
प्रगतिशील किसानों को किया सम्मानित
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया। सम्मान पाने वालों में मनदीप सिंह खटड़ा, कुलविंदर सिंह, बलधीर सिंह, गुरदियाल सिंह, गुरमीत सिंह, जोबनजीत सिंह और मनप्रीत सिंह शामिल रहे। इसके अलावा गांव मोही कलां, जिला पटियाला की पंचायत को भी सम्मानित किया गया।
किसान मेले में लगाए गए कृषि संबंधी स्टॉल
मेले में पीएयू के विशेषज्ञों ने किसानों को खेती से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी दी। स्वयंसेवी संस्थाओं, किसान उत्पादक संगठनों, निजी कंपनियों और पीएयू के विभिन्न विभागों की ओर से बड़ी संख्या में स्टॉल लगाए गए हैं। इन स्टॉलों पर किसानों को कृषि तकनीक, बीज, उपकरण और अन्य कृषि संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।
कार्यक्रम का संचालन अपर निदेशक संचार डॉ. तेजिंदर सिंह रियाड़ ने किया। इस दौरान मुख्यमंत्री के हाथों पीएयू के चयनित कृषि साहित्य का लोकार्पण भी किया गया। धन्यवाद प्रस्ताव निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. माखन सिंह भुल्लर ने प्रस्तुत किया।
किसान मेले में पंजाब के लोक कलाकारों सुरजीत भुल्लर, फोक साज और दलजीत धलेरिया ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से किसानों का मनोरंजन किया। मेले का उद्देश्य किसानों को नई कृषि तकनीकों, वैज्ञानिक सिफारिशों और कृषि से जुड़े वैकल्पिक व्यवसायों की जानकारी उपलब्ध कराना है।


