पीएयू के भूमि एवं जल अभियांत्रिकी विभाग के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर पर जीते चार पुरस्कार
लुधियाना, 14 अक्टूबर। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) के भूमि एवं जल अभियांत्रिकी विभाग के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए चार पुरस्कार हासिल किए हैं। यह उपलब्धि भारतीय कृषि अभियंता सोसायटी की 60वीं वार्षिक बैठक में मिली। इस बैठक का आयोजन श्रीनगर स्थित शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में किया गया था।
विभाग के प्रोफेसर डॉ. अबरार यूसुफ ने मौखिक शोधपत्र प्रस्तुति श्रेणी में पहला पुरस्कार प्राप्त किया। उन्होंने भूजल स्तर बढ़ाने के लिए वर्षा जल के उपयोग के आकलन विषय पर शोधपत्र प्रस्तुत किया। इस शोधपत्र के सह-लेखक एमजे सिंह, डेनियल खन्ना, एमए भट्ट और एमए दरवेश थे।
इसी प्रकार, विभाग के वैज्ञानिक डॉ. प्रवीण दहीफाले ने रिमोट सेंसिंग एवं भू-स्थानिक तकनीक श्रेणी में मौखिक शोधपत्र प्रस्तुति के लिए पहला पुरस्कार हासिल किया।
पीएचडी की छात्रा आयुषी झा ने भी अपनी शोध उपलब्धि से विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया। उन्होंने डॉ. सुनील गर्ग के मार्गदर्शन में स्मार्ट सिंचाई एवं उर्वरकयुक्त सिंचाई विषय पर शोधपत्र तैयार किया और विद्यार्थी शोधपत्र प्रस्तुति श्रेणी में पहला पुरस्कार जीता। इस शोधपत्र के सह-लेखक सुनील गर्ग, निखिल ग्लैडविन कटिंग और राकेश शारदा थे।
विभाग के एक अन्य पीएचडी शोधार्थी सुखमनदीप कौर बराड़ ने भी शोधपत्र प्रस्तुति श्रेणी में पहला पुरस्कार प्राप्त किया। इस प्रकार विभाग के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने कुल चार पुरस्कार जीतकर विश्वविद्यालय की उपलब्धियों में एक और अध्याय जोड़ा।
पीएयू के निदेशक अनुसंधान डॉ. अजमेर सिंह ढट्ट, डॉ. मनजीत सिंह, स्नातकोत्तर अध्ययन के डीन डॉ. हरमिंदर सिंह, कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय के डीन डॉ. मनजीत सिंह और भूमि एवं जल अभियांत्रिकी विभाग के प्रमुख डॉ. सुनील गर्ग ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विभाग में हो रहे गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान और विद्यार्थियों की वैज्ञानिक सोच को दर्शाती है।
