पीएयू में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, टेली-मानस की सेवाओं के बारे में दी जानकारी
लुधियाना, 12 अक्टूबर 2026। {karan} पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू), लुधियाना के कॉलेज ऑफ कम्युनिटी साइंस के मानव विकास एवं परिवार अध्ययन विभाग (एचडीएफएस) ने संस्थागत मानसिक स्वास्थ्य टास्क फोर्स (आईटीएफ-पीएयू) के सहयोग से विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का आयोजन कॉलेज ऑफ कम्युनिटी साइंस की डीन डॉ. किरण बैंस के मार्गदर्शन में किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों को संस्थागत मानसिक स्वास्थ्य टास्क फोर्स के दृष्टिकोण, उद्देश्यों और मूल सिद्धांतों से परिचित करवाना तथा विश्वविद्यालय में उपलब्ध मानसिक स्वास्थ्य सहायता सेवाओं के बारे में जागरूक करना था। इस पहल के माध्यम से पीएयू ने एक सुरक्षित, समावेशी और सहयोगपूर्ण शैक्षणिक वातावरण विकसित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जहां विद्यार्थी बिना किसी झिझक के अपनी भावनात्मक और मानसिक समस्याओं को साझा कर सकें तथा समय पर विशेषज्ञ सहायता प्राप्त कर सकें।
टेली-मानस की सेवाओं और कार्यप्रणाली के बारे में दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान मानव विकास एवं परिवार अध्ययन विभाग की वैज्ञानिक तथा आईटीएफ-पीएयू की प्रतिनिधि सदस्य डॉ. प्राची बिष्ट ने टेली-मानस (टेली-मेंटल हेल्थ असिस्टेंस एंड नेटवर्किंग अक्रॉस स्टेट्स) के बारे में जानकारीपूर्ण व्याख्यान दिया। उन्होंने टेली-मानस के उद्देश्यों, कार्यप्रणाली, टोल-फ्री मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन, सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया और प्रशिक्षित परामर्शदाताओं की भूमिका के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने यह भी समझाया कि जिन लोगों को आगे विशेषज्ञ उपचार की आवश्यकता होती है, उन्हें संबंधित पेशेवर सेवाओं तक पहुंचाने के लिए रेफरल व्यवस्था किस प्रकार कार्य करती है। डॉ. बिष्ट ने विद्यार्थियों को समय पर सहायता लेने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी मदद लेना भावनात्मक स्वास्थ्य और बेहतर जीवन की दिशा में एक सकारात्मक एवं आवश्यक कदम है।
मानसिक स्वास्थ्य को बताया समग्र विकास का अहम हिस्सा
आईटीएफ-पीएयू की नोडल अधिकारी एवं संयोजक डॉ. दीपिका विग ने मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और विद्यार्थियों को उपलब्ध सहायता प्रणालियों की जानकारी देने में संस्थागत प्रयासों के महत्व पर जोर दिया।
पीएयू के विद्यार्थी कल्याण निदेशक एवं आईटीएफ-पीएयू के सदस्य डॉ. के.एस. सूरी ने भावनात्मक स्वास्थ्य, शैक्षणिक प्रदर्शन, व्यक्तिगत विकास और समग्र व्यक्तित्व निर्माण के बीच गहरे संबंध को रेखांकित किया।
मानव विकास एवं परिवार अध्ययन विभाग की प्रमुख तथा आईटीएफ-पीएयू की सदस्य डॉ. सीमा शर्मा ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ अपने मानसिक स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया। वहीं, गणित, सांख्यिकी एवं भौतिकी विभाग के प्रमुख तथा आईटीएफ-पीएयू के सदस्य डॉ. मोहम्मद जावेद भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ संवाद किया और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता एवं विद्यार्थी कल्याण से जुड़े विषयों पर चर्चा में योगदान दिया।
विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से किया संवाद
कार्यक्रम में संस्थागत मानसिक स्वास्थ्य टास्क फोर्स, पीएयू के नोडल अधिकारी और समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। संवादात्मक सत्र के दौरान विद्यार्थियों को टास्क फोर्स के सदस्यों से सीधे बातचीत करने, अपनी जिज्ञासाओं के उत्तर प्राप्त करने और विश्वविद्यालय में चल रही मानसिक स्वास्थ्य पहलों एवं सहायता व्यवस्थाओं को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिला।
कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों, शिक्षकों और आईटीएफ-पीएयू के प्रतिनिधियों के बीच सार्थक संवाद के साथ हुआ। इस दौरान मानसिक स्वास्थ्य को समग्र विकास का अभिन्न अंग बताते हुए समय पर सहायता लेने, आपसी समझ विकसित करने और मानसिक रूप से स्वस्थ एवं सहयोगपूर्ण विश्वविद्यालय समुदाय के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया।
