पीएयू ने मधुमक्खी पालन पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कोर्स आयोजित किया
लुधियाना ,पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) के कीट विज्ञान विभाग की ओर से प्रगतिशील मधुमक्खी पालकों को शहद से जुड़े व्यवसाय से जोड़ने और इस क्षेत्र की बारीकियों से अवगत कराने के उद्देश्य से दो दिवसीय प्रशिक्षण कोर्स आयोजित किया गया।
स्किल डेवलपमेंट सेंटर में आयोजित इस कोर्स के समापन समारोह में निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. मखन सिंह भुल्लर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने निदेशालय की ओर से संचालित प्रसार गतिविधियों और किसानों पर उनके प्रभावों के बारे में चर्चा की। उन्होंने प्रशिक्षुओं से कहा कि वे विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श करने के बाद सही और सटीक जानकारी किसानों तक पहुंचाएं।
कीट विज्ञान विभाग के प्रमुख डॉ. मनमीत बराड़ भुल्लर ने इस अवसर पर उपस्थित मधुमक्खी पालकों को बताया कि यह कोर्स दस प्रशिक्षण कार्यक्रमों की श्रृंखला की शुरुआत है। इस श्रृंखला के माध्यम से शहद की उत्पादकता और मधुमक्खियों के रखरखाव से संबंधित नवीनतम जानकारी उपलब्ध करवाई जा रही है।
कोर्स के निदेशक डॉ. जसपाल सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 23 प्रशिक्षुओं ने भाग लिया, जिनमें 11 महिलाएं शामिल थीं।
प्रशिक्षुओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से रानी मधुमक्खी की देखभाल, मौसम के अनुसार मधुमक्खी परिवारों और बक्सों का प्रबंधन तथा शहद की उत्पादकता बढ़ाने के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इसके साथ ही शहद की प्रोसेसिंग, पैकिंग और मार्केटिंग से जुड़े नए पहलुओं के बारे में भी बताया गया।
मधुमक्खी पालन को व्यावसायिक स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और स्वयं सहायता समूहों के गठन से जुड़ी तकनीकी बारीकियों की जानकारी भी किसानों के साथ साझा की गई।
कार्यक्रम के दौरान स्किल डेवलपमेंट की सहयोगी निदेशक डॉ. रुपिंदर कौर तूर और आईएचए की निदेशक कुमारी नम्रता खन्ना ने भी प्रशिक्षुओं को संबोधित किया। डावर के सहायक प्रबंधक श्री विक्रम सिंह ने शहद की मार्केटिंग से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
इस प्रशिक्षण कोर्स के संयोजकों में डॉ. अमित चौधरी, डॉ. भारती महिंदरू और डॉ. लवलीश गर्ग शामिल थे।
